29 मई 2019 - 10:03
फ़ुजैरा में सऊदी व इमाराती ऑयल टैंकरों पर हमले में ईरान का हाथ था, बोल्टन का दावा

ईरान के साथ युद्ध के लिए ट्रम्प प्रशासन पर दबाव बनाने वाले अमरीकी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जॉन बोल्टन ने दावा किया है कि यूएई की अल-फ़ुजैरा बंदरगाह में ऑयल टैंकरों पर हुए हालिया हमले में ईरानी नौसेना का हाथ था।

(ABNA24.com) ईरान के साथ युद्ध के लिए ट्रम्प प्रशासन पर दबाव बनाने वाले अमरीकी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जॉन बोल्टन ने दावा किया है कि यूएई की अल-फ़ुजैरा बंदरगाह में ऑयल टैंकरों पर हुए हालिया हमले में ईरानी नौसेना का हाथ था।

हालांकि बोल्टन ने अपने इस दावे के लिए किसी तरह का कोई सुबूत पेश नहीं किया है।

बुधवार को बोल्टन ने दावा किया कि चार सऊदी और इमाराती ऑयल टैंकरों पर समुद्री बारूदी सुरंगों के ज़रिए हमला किया गया था और इसकी प्रबल संभावना है कि यह बारूदी सुरंगें ईरानी नौसेना ने बिछाई थीं।

ग़ौरतलब है अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प ने अपनी हालिया जापान यात्रा के दौरान ईरान से वार्ता का प्रस्ताव देते हुए टोक्यो से दोनों देशों के बीच मध्यस्थता का अनुरोध किया था।

इसके बावजूद, ट्रम्प के सुरक्षा सलाहकार बोल्टन ईरान के ख़िलाफ़ निराधार आरोप लगा रहे हैं और तनाव को हवा दे रहे हैं।

बोल्टन ने बुधवार को यूएई की राजधानी अबू-धाबी में एक पत्रकार के सवाल के जवाब में यह दावा किया।

उन्होंने कहा, यह स्पष्ट है कि फ़ुजैरा हमले में ईरान का हाथ है। आपके विचार में कौन यह हमला कर सकता है? क्या कोई नैपाल से यह हमला करना आएगा?

12 मई को फ़ुजैसा हमले के तुरंत बाद ही ईरान ने इस हमले की निंदा करते हुए इसकी निष्पक्ष जांच की मांग की थी। इसके बावजूद, अमरीकी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार बिना किसी सुबूत के इस हमले का आरोप ईरान के सिर पर मढ़ रहे हैं।

बोल्टन का कहना था कि वाशिंगटन में किसी को इस बारे में कोई शक नहीं है कि किसने यह हमला किया है। हमें पता है यह किसने किया है और महत्वपूर्ण यह है कि ईरान जानता है कि हमें यह पता है।

जानकार सूत्रों का कहना है कि फ़ुजैरा हमला क्षेत्र में जारी तनाव को हवा देने और ईरान के ख़िलाफ़ युद्ध का माहौल बनाने की साज़िश का एक हिस्सा है।

बोल्टन का यह भी कहना था कि हाल ही में सऊदी अरब की तेल बंदरगाह यनबू पर भी एक असफल हमला किया गया था।

उन्होंने इस हमले में भी ईरान का हाथ होने का दावा किया, लेकिन अपने दावे के लिए किसी तरह का कोई सुबूत पेश नहीं किया।

ईरान के कड़े विरोधी माने जाने वाले अमरीकी राष्ट्रीय सुलाहकार जॉन बोल्टन फ़ार्स खाड़ी में जारी तनाव के दौरान, संयुक्त अरब इमारात के दौरे पर हैं।



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